भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता

THIS IS NOTES FOR Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita

























1. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 का संक्षिप्त नाम क्या है?


इसका संक्षिप्त नाम भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) है।



2. धारा 1 के तहत संहिता का लागू होने का दायरा क्या है?


यह संहिता पूरे भारत में लागू होती है, सिवाय कुछ आदिवासी क्षेत्रों के, जहां राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा इसे लागू कर सकती है।



3. धारा 2(क) के अनुसार \"संज्ञेय अपराध\" की परिभाषा क्या है?


संज्ञेय अपराध वह है जिसमें पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तारी और जांच कर सकती है।



4. धारा 2(ख) के अनुसार \"गैर-संज्ञेय अपराध\" क्या है?


गैर-संज्ञेय अपराध में पुलिस बिना मजिस्ट्रेट के आदेश के गिरफ्तारी नहीं कर सकती।



5. धारा 2(ग) के अनुसार \"जमानती अपराध\" की परिभाषा क्या है?


जमानती अपराध वह है जिसमें अभियुक्त को जमानत का अधिकार है।



6. धारा 2(घ) के अनुसार \"गैर-जमानती अपराध\" क्या है?


गैर-जमानती अपराध में जमानत अदालत के विवेक पर निर्भर करती है।



7. धारा 2(ज) के अनुसार \"अभियुक्त\" कौन होता है?


अभियुक्त वह व्यक्ति है जिसके खिलाफ अपराध का आरोप दर्ज किया गया हो।



8. धारा 2(ड) के अनुसार \"साक्ष्य\" की परिभाषा क्या है?


साक्ष्य में वे सभी सामग्रियां शामिल हैं जो अदालत में तथ्यों को सिद्ध करती हैं।



9. धारा 2(च) के अनुसार \"पुलिस रिकॉर्ड\" का क्या अर्थ है?


पुलिस रिकॉर्ड में अपराध, जांच, और गिरफ्तारी से संबंधित सभी दस्तावेज शामिल हैं।



10. धारा 3 के तहत संहिता की व्याख्या का प्रावधान क्या है?


संहिता के शब्दों की व्याख्या सामान्य अर्थ में की जाएगी, जब तक कि संदर्भ अन्यथा न हो।



11. धारा 43 के तहत बिना वारंट गिरफ्तारी का प्रावधान कब लागू होता है?


संज्ञेय अपराध में पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तारी कर सकती है।



12. धारा 43(2) के तहत संज्ञेय अपराध में गिरफ्तारी का आधार क्या है?


विश्वसनीय सूचना या अपराध के समक्ष होने पर गिरफ्तारी की जा सकती है।



13. धारा 44 के तहत गिरफ्तारी के समय बल प्रयोग का नियम क्या है?


न्यूनतम बल का प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन जानबूझकर चोट नहीं पहुंचाई जानी चाहिए।



14. धारा 44(3) के तहत गिरफ्तारी में हथकड़ी का उपयोग कब होता है?


हथकड़ी का उपयोग केवल हिंसक या भागने की संभावना वाले अभियुक्तों के लिए होता है।



15. धारा 45 के तहत गिरफ्तार व्यक्ति को सूचना देने का प्रावधान क्या है?


गिरफ्तारी के आधार और अधिकारों की सूचना तुरंत दी जाती है।



16. धारा 46 के तहत गिरफ्तारी की सूचना परिवार को कब दी जाती है?


गिरफ्तारी के तुरंत बाद परिवार या मित्र को सूचना दी जाती है।



17. धारा 46(2) के तहत सूचना देने का तरीका क्या है?


सूचना लिखित, मौखिक, या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दी जा सकती है।



18. धारा 47 के तहत कानूनी सहायता का अधिकार कब मिलता है?


गिरफ्तार व्यक्ति को तुरंत मुफ्त कानूनी सहायता का अधिकार है।



19. धारा 47(2) के तहत कानूनी सहायता की व्यवस्था कौन करता है?


कानूनी सहायता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जाती है।



20. धारा 48 के तहत गिरफ्तारी का डिजिटल रिकॉर्ड क्यों बनाया जाता है?


पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए डिजिटल रिकॉर्ड बनाया जाता है।



21. धारा 48(3) के तहत डिजिटल रिकॉर्ड की अवधि क्या है?


डिजिटल रिकॉर्ड को कम से कम एक वर्ष तक सुरक्षित रखा जाता है।



22. धारा 49 के तहत चिकित्सा जांच का प्रावधान क्या है?


गिरफ्तार व्यक्ति की चिकित्सा जांच चिकित्सा अधिकारी द्वारा अनिवार्य रूप से की जाती है।



23. धारा 49(2) के तहत चिकित्सा जांच का समय क्या है?


चिकित्सा जांच गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर की जानी चाहिए।



24. धारा 50 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुति का समय क्या है?


गिरफ्तार व्यक्ति को 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत करना होता है।



25. धारा 50(2) के तहत 24 घंटे की गणना में क्या शामिल नहीं है?


यात्रा का समय 24 घंटे की गणना में शामिल नहीं होता।







26. धारा 51 के तहत गिरफ्तार व्यक्ति की तलाशी का प्रावधान क्या है?


तलाशी ली जाती है और सामान का रिकॉर्ड बनाया जाता है।



27. धारा 51(2) के तहत तलाशी का रिकॉर्ड कहां रखा जाता है?


तलाशी का रिकॉर्ड पुलिस स्टेशन में सुरक्षित रखा जाता है।



28. धारा 52 के तहत महिला की गिरफ्तारी का प्रावधान क्या है?


महिला की गिरफ्तारी केवल महिला पुलिस अधिकारी द्वारा और दिन के समय की जानी चाहिए।



29. धारा 52(2) के तहत महिला की गिरफ्तारी में अपवाद क्या है?


आपात स्थिति में रात में गिरफ्तारी मजिस्ट्रेट के आदेश से हो सकती है।



30. धारा 53 के तहत नाबालिग की गिरफ्तारी का नियम क्या है?


नाबालिग की गिरफ्तारी संवेदनशीलता के साथ और किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत की जाती है।



31. धारा 54 के तहत गिरफ्तारी के बाद हिरासत का प्रावधान क्या है?


गिरफ्तार व्यक्ति को पुलिस हिरासत या न्यायिक हिरासत में रखा जा सकता है।



32. धारा 54(2) के तहत पुलिस हिरासत की अधिकतम अवधि क्या है?


पुलिस हिरासत की अधिकतम अवधि 15 दिन है।



33. धारा 55 के तहत गिरफ्तारी की सूचना थाने में दर्ज करने का नियम क्या है?


गिरफ्तारी का विवरण थाने के दैनिक रजिस्टर में दर्ज किया जाता है।



34. धारा 56 के तहत गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त के अधिकार क्या हैं?


अभियुक्त को वकील से मिलने और उचित व्यवहार का अधिकार है।



35. धारा 57 के तहत गिरफ्तारी के बाद रिमांड का प्रावधान क्या है?


पुलिस रिमांड के लिए मजिस्ट्रेट से अनुमति लेनी होती है।



36. धारा 57(2) के तहत रिमांड की अवधि क्या है?


रिमांड की अवधि सामान्यतः 7 दिन से अधिक नहीं हो सकती।



37. धारा 58 के तहत गिरफ्तारी के दस्तावेजों का प्रावधान क्या है?


गिरफ्तारी से संबंधित सभी दस्तावेज मजिस्ट्रेट को प्रस्तुत किए जाते हैं।



38. धारा 59 के तहत गलत गिरफ्तारी का परिणाम क्या है?


गलत गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।



39. धारा 60 के तहत गिरफ्तारी से बचने वाले व्यक्ति का क्या होता है?


ऐसे व्यक्ति को उद्घोषित अपराधी घोषित किया जा सकता है।



40. धारा 61 के तहत समन का उद्देश्य क्या है?


समन किसी व्यक्ति को अदालत में उपस्थित होने या दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए जारी किया जाता है।



41. धारा 61(2) के तहत समन का प्रकार क्या है?


समन व्यक्तिगत, सामान्य, या दस्तावेजी हो सकता है।



42. धारा 62 के तहत समन की तामील का तरीका क्या है?


समन व्यक्तिगत रूप से, डाक द्वारा, या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से तामील किया जाता है।



43. धारा 62(2) के तहत समन तामील का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


तामील का प्रमाण पत्र अदालत में प्रस्तुत किया जाता है।



44. धारा 63 के तहत समन की अस्वीकृति का परिणाम क्या है?


समन अस्वीकार करने पर वारंट जारी हो सकता है।



45. धारा 64 के तहत समन की तामील बाहर के क्षेत्र में कैसे होती है?


बाहर के क्षेत्र में तामील स्थानीय पुलिस के माध्यम से होती है।



46. धारा 65 के तहत समन की तामील संगठन पर कैसे होती है?


संगठन के अधिकृत प्रतिनिधि को समन तामील किया जाता है।



47. धारा 66 के तहत समन की तामील सरकारी कर्मचारी पर कैसे होती है?


सरकारी कर्मचारी को उनके कार्यालय के माध्यम से समन तामील किया जाता है।



48. धारा 67 के तहत समन की तामील के लिए समय क्या है?


समन उचित समय पर तामील किया जाना चाहिए।



49. धारा 68 के तहत समन की तामील का प्रमाण क्या है?


हस्ताक्षरित रसीद या गवाह का बयान तामील का प्रमाण है।



50. धारा 69 के तहत समन का पालन न करने का परिणाम क्या है?


पालन न करने पर वारंट जारी हो सकता है।







51. धारा 70 के तहत वारंट जारी करने का आधार क्या है?


वारंट समन का पालन न होने या व्यक्ति के फरार होने पर जारी होता है।



52. धारा 70(2) के तहत वारंट का प्रकार क्या है?


वारंट जमानती या गैर-जमानती हो सकता है।



53. धारा 71 के तहत वारंट की तामील का तरीका क्या है?


वारंट पुलिस अधिकारी द्वारा तामील किया जाता है।



54. धारा 71(2) के तहत वारंट तामील में बल प्रयोग का नियम क्या है?


आवश्यकता पड़ने पर न्यूनतम बल का प्रयोग किया जा सकता है।



55. धारा 72 के तहत वारंट की तामील बाहर के क्षेत्र में कैसे होती है?


बाहर के क्षेत्र में तामील स्थानीय पुलिस की सहायता से होती है।



56. धारा 73 के तहत वारंट की तामील का समय क्या है?


वारंट दिन के समय तामील किया जाना चाहिए, जब तक कि आपात स्थिति न हो।



57. धारा 74 के तहत वारंट का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


वारंट की तामील का रिकॉर्ड पुलिस स्टेशन में दर्ज किया जाता है।



58. धारा 75 के तहत वारंट की तामील का प्रमाण क्या है?


तामील का प्रमाण पत्र या गवाह का बयान प्रमाण है।



59. धारा 76 के तहत वारंट का पालन न करने का परिणाम क्या है?


पालन न करने पर व्यक्ति को उद्घोषित अपराधी घोषित किया जा सकता है।



60. धारा 77 के तहत वारंट की वैधता क्या है?


वारंट तब तक वैध रहता है जब तक रद्द या निष्पादित न हो।



61. धारा 78 के तहत वारंट रद्द करने का प्रावधान क्या है?


वारंट जारी करने वाली अदालत द्वारा रद्द किया जा सकता है।



62. धारा 79 के तहत उद्घोषित अपराधी की प्रक्रिया क्या है?


उद्घोषित अपराधी की संपत्ति जब्त की जा सकती है और सार्वजनिक सूचना जारी होती है।



63. धारा 79(2) के तहत उद्घोषणा का समय क्या है?


उद्घोषणा कम से कम 30 दिन तक प्रभावी रहती है।



64. धारा 80 के तहत उद्घोषित अपराधी की गिरफ्तारी कैसे होती है?


कोई भी व्यक्ति उद्घोषित अपराधी को गिरफ्तार कर सकता है।



65. धारा 81 के तहत उद्घोषित अपराधी की संपत्ति का क्या होता है?


संपत्ति जब्त की जा सकती है और अदालत के आदेश पर निपटान होता है।



66. धारा 82 के तहत उद्घोषणा की तामील का तरीका क्या है?


उद्घोषणा सार्वजनिक स्थानों पर चिपकाई जाती है और समाचार पत्र में प्रकाशित हो सकती है।



67. धारा 83 के तहत उद्घोषणा का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


उद्घोषणा का रिकॉर्ड अदालत और पुलिस स्टेशन में रखा जाता है।



68. धारा 84 के तहत उद्घोषित अपराधी के आत्मसमर्पण का प्रावधान क्या है?


आत्मसमर्पण करने पर उद्घोषणा रद्द हो सकती है।



69. धारा 85 के तहत उद्घोषित अपराधी की संपत्ति की बहाली कब होती है?


आत्मसमर्पण या निर्दोष सिद्ध होने पर संपत्ति बहाल की जा सकती है।



70. धारा 86 के तहत उद्घोषणा के खिलाफ अपील का प्रावधान क्या है?


उद्घोषणा के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की जा सकती है।



71. धारा 87 के तहत वारंट के बदले समन का प्रावधान क्या है?


अदालत वारंट के बजाय समन जारी कर सकती है यदि उचित समझे।



72. धारा 88 के तहत उपस्थिति की गारंटी का प्रावधान क्या है?


व्यक्ति बांड देकर उपस्थिति की गारंटी दे सकता है।



73. धारा 89 के तहत बांड का उल्लंघन करने का परिणाम क्या है?


बांड उल्लंघन पर राशि जब्त हो सकती है और वारंट जारी हो सकता है।



74. धारा 90 के तहत स्थानीय क्षेत्राधिकार का प्रावधान क्या है?


प्रक्रियाएं स्थानीय क्षेत्राधिकार के अधीन लागू होती हैं।



75. धारा 43(3) के तहत निजी व्यक्ति द्वारा गिरफ्तारी का प्रावधान क्या है?


निजी व्यक्ति संज्ञेय अपराध में अभियुक्त को गिरफ्तार कर सकता है और पुलिस को सौंप सकता है।







76. धारा 44(4) के तहत गिरफ्तारी के दौरान चोट से बचाव का नियम क्या है?


गिरफ्तारी के दौरान अनावश्यक चोट से बचना चाहिए।



77. धारा 45(2) के तहत सूचना की भाषा का प्रावधान क्या है?


सूचना अभियुक्त की समझने योग्य भाषा में दी जानी चाहिए।



78. धारा 46(3) के तहत सूचना का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


सूचना का रिकॉर्ड पुलिस स्टेशन में दर्ज किया जाता है।



79. धारा 47(3) के तहत कानूनी सहायता की सूचना कब दी जाती है?


गिरफ्तारी के समय कानूनी सहायता की सूचना दी जाती है।



80. धारा 48(4) के तहत डिजिटल रिकॉर्ड की पहुंच किसे होती है?


डिजिटल रिकॉर्ड मजिस्ट्रेट और संबंधित पक्षों को उपलब्ध होता है।



81. धारा 49(3) के तहत चिकित्सा जांच की रिपोर्ट का क्या होता है?


चिकित्सा जांच की रिपोर्ट अदालत को प्रस्तुत की जाती है।



82. धारा 50(3) के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुति में देरी का परिणाम क्या है?


देरी होने पर गिरफ्तारी अवैध मानी जा सकती है।



83. धारा 51(3) के तहत तलाशी के दौरान गवाह की उपस्थिति क्यों जरूरी है?


पारदर्शिता के लिए तलाशी के दौरान गवाह की उपस्थिति अनिवार्य है।



84. धारा 52(3) के तहत महिला की गिरफ्तारी का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


महिला की गिरफ्तारी का रिकॉर्ड विशेष रजिस्टर में दर्ज किया जाता है।



85. धारा 53(2) के तहत नाबालिग की हिरासत का प्रावधान क्या है?


नाबालिग को किशोर गृह में रखा जाता है, न कि पुलिस हिरासत में।



86. धारा 54(3) के तहत न्यायिक हिरासत की अवधि क्या है?


न्यायिक हिरासत की अवधि मजिस्ट्रेट के आदेश पर निर्भर करती है।



87. धारा 55(2) के तहत गिरफ्तारी की सूचना का समय क्या है?


सूचना गिरफ्तारी के 12 घंटे के भीतर दर्ज की जानी चाहिए।



88. धारा 56(2) के तहत वकील से मिलने का समय क्या है?


अभियुक्त को उचित समय पर वकील से मिलने की अनुमति दी जाती है।



89. धारा 57(3) के तहत रिमांड के लिए आवेदन का तरीका क्या है?


रिमांड के लिए लिखित आवेदन मजिस्ट्रेट को प्रस्तुत किया जाता है।



90. धारा 58(2) के तहत दस्तावेजों की प्रति किसे दी जाती है?


दस्तावेजों की प्रति अभियुक्त या उसके वकील को दी जाती है।



91. धारा 59(2) के तहत गलत गिरफ्तारी की शिकायत कहां की जाती है?


शिकायत मजिस्ट्रेट या उच्च न्यायालय में की जा सकती है।



92. धारा 60(2) के तहत फरार व्यक्ति की खोज का प्रावधान क्या है?


पुलिस फरार व्यक्ति की खोज के लिए विशेष उपाय कर सकती है।



93. धारा 61(3) के तहत समन की सामग्री क्या होती है?


समन में उपस्थिति का समय, स्थान, और उद्देश्य शामिल होता है।



94. धारा 62(3) के तहत इलेक्ट्रॉनिक समन की वैधता क्या है?


इलेक्ट्रॉनिक समन कानूनी रूप से वैध है यदि प्रामाणिक हो।



95. धारा 63(2) के तहत समन अस्वीकृति की सजा क्या है?


अस्वीकृति पर जुर्माना या हिरासत हो सकती है।



96. धारा 64(2) के तहत बाहर के क्षेत्र में तामील का समय क्या है?


तामील उचित समय के भीतर पूरी की जानी चाहिए।



97. धारा 65(2) के तहत संगठन को समन की प्रतिक्रिया का समय क्या है?


संगठन को समन प्राप्ति के 7 दिन के भीतर प्रतिक्रिया देनी होती है।



98. धारा 66(2) के तहत सरकारी कर्मचारी को समन की सूचना कौन देता है?


विभागीय अधिकारी को सूचना दी जाती है।



99. धारा 67(2) के तहत समन की तामील में देरी का परिणाम क्या है?


देरी होने पर अदालत को सूचित करना होता है।



100. धारा 68(2) के तहत तामील के प्रमाण की प्रति कहां जमा की जाती है?


प्रमाण की प्रति अदालत में जमा की जाती है।







101. धारा 69(2) के तहत समन का पालन न करने की प्रक्रिया क्या है?


अदालत व्यक्ति को उपस्थित होने के लिए बाध्य कर सकती है।



102. धारा 70(3) के तहत जमानती वारंट का प्रावधान क्या है?


जमानती वारंट में व्यक्ति को जमानत पर रिहा किया जा सकता है।



103. धारा 71(3) के तहत वारंट तामील का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


तामील का रिकॉर्ड पुलिस स्टेशन और अदालत में दर्ज होता है।



104. धारा 72(2) के तहत बाहर के क्षेत्र में वारंट तामील की प्रक्रिया क्या है?


स्थानीय मजिस्ट्रेट की अनुमति से तामील की जाती है।



105. धारा 73(2) के तहत रात में वारंट तामील का अपवाद क्या है?


आपात स्थिति में मजिस्ट्रेट के आदेश से रात में तामील हो सकती है।



106. धारा 74(2) के तहत वारंट तामील की सूचना किसे दी जाती है?


सूचना वारंट जारी करने वाली अदालत को दी जाती है।



107. धारा 75(2) के तहत वारंट तामील के प्रमाण की प्रति कहां जमा होती है?


प्रमाण की प्रति अदालत में जमा की जाती है।



108. धारा 76(2) के तहत वारंट का पालन न करने की सजा क्या है?


पालन न करने पर हिरासत या जुर्माना हो सकता है।



109. धारा 77(2) के तहत वारंट की वैधता रद्द करने का तरीका क्या है?


अदालत लिखित आदेश द्वारा वारंट रद्द कर सकती है।



110. धारा 78(2) के तहत वारंट रद्द करने की सूचना कैसे दी जाती है?


सूचना पुलिस और संबंधित पक्षों को दी जाती है।



111. धारा 79(3) के तहत उद्घोषणा की समीक्षा का प्रावधान क्या है?


उद्घोषणा की समीक्षा उच्च न्यायालय द्वारा की जा सकती है।



112. धारा 80(2) के तहत उद्घोषित अपराधी की गिरफ्तारी का इनाम क्या है?


अदालत इनाम की घोषणा कर सकती है।



113. धारा 81(2) के तहत जब्त संपत्ति के निपटान का तरीका क्या है?


संपत्ति का निपटान अदालत के आदेश पर होता है।



114. धारा 82(2) के तहत उद्घोषणा की तामील का समय क्या है?


तामील कम से कम 7 दिन तक सार्वजनिक स्थानों पर रहती है।



115. धारा 83(2) के तहत उद्घोषणा के रिकॉर्ड की प्रति कहां रखी जाती है?


प्रति अदालत और पुलिस स्टेशन में रखी जाती है।



116. धारा 84(2) के तहत आत्मसमर्पण की सूचना कैसे दी जाती है?


आत्मसमर्पण की सूचना अदालत और पुलिस को दी जाती है।



117. धारा 85(2) के तहत संपत्ति बहाली का समय क्या है?


संपत्ति बहाली आत्मसमर्पण के 30 दिन के भीतर हो सकती है।



118. धारा 86(2) के तहत अपील दायर करने की समय-सीमा क्या है?


अपील 30 दिन के भीतर दायर की जानी चाहिए।



119. धारा 87(2) के तहत समन जारी करने का आधार क्या है?


समन तब जारी होता है जब वारंट अनावश्यक हो।



120. धारा 88(2) के तहत बांड की राशि कौन तय करता है?


बांड की राशि अदालत द्वारा तय की जाती है।



121. धारा 89(2) के तहत बांड जब्ती की प्रक्रिया क्या है?


जब्ती के लिए अदालत नोटिस जारी करती है।



122. धारा 90(2) के तहत क्षेत्राधिकार का निर्धारण कैसे होता है?


क्षेत्राधिकार अपराध के स्थान के आधार पर निर्धारित होता है।



123. धारा 43(4) के तहत निजी व्यक्ति द्वारा गिरफ्तारी का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


गिरफ्तारी का विवरण पुलिस स्टेशन में दर्ज किया जाता है।



124. धारा 44(5) के तहत गिरफ्तारी के दौरान सुरक्षा का प्रावधान क्या है?


अभियुक्त और पुलिस की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है।



125. धारा 45(3) के तहत सूचना देने की जिम्मेदारी किसकी है?


गिरफ्तारी करने वाले अधिकारी की जिम्मेदारी है।







126. धारा 46(4) के तहत सूचना देने में देरी का परिणाम क्या है?


देरी होने पर अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।



127. धारा 47(4) के तहत कानूनी सहायता की मांग का तरीका क्या है?


अभियुक्त लिखित या मौखिक रूप से सहायता मांग सकता है।



128. धारा 48(5) के तहत डिजिटल रिकॉर्ड की सुरक्षा कैसे की जाती है?


रिकॉर्ड को सुरक्षित सर्वर पर संग्रहीत किया जाता है।



129. धारा 49(4) के तहत चिकित्सा जांच की गोपनीयता का प्रावधान क्या है?


चिकित्सा जांच की जानकारी गोपनीय रखी जाती है।



130. धारा 50(4) के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुति का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


प्रस्तुति का रिकॉर्ड अदालत में दर्ज किया जाता है।



131. धारा 51(4) के तहत तलाशी के दौरान जब्त सामान का क्या होता है?


जब्त सामान को अदालत के आदेश तक सुरक्षित रखा जाता है।



132. धारा 52(4) के तहत महिला की गिरफ्तारी में गवाह की भूमिका क्या है?


गवाह पारदर्शिता सुनिश्चित करता है।



133. धारा 53(3) के तहत नाबालिग की गिरफ्तारी की सूचना किसे दी जाती है?


सूचना अभिभावक या किशोर न्याय बोर्ड को दी जाती है।



134. धारा 54(4) के तहत हिरासत की समीक्षा का प्रावधान क्या है?


हिरासत की समीक्षा मजिस्ट्रेट द्वारा नियमित रूप से की जाती है।



135. धारा 55(3) के तहत गिरफ्तारी की सूचना की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति अभियुक्त या उसके परिवार को दी जा सकती है।



136. धारा 56(3) के तहत वकील से मिलने की गोपनीयता का प्रावधान क्या है?


मिलने की प्रक्रिया गोपनीय और निगरानी मुक्त होती है।



137. धारा 57(4) के तहत रिमांड की शर्तें क्या हैं?


रिमांड जांच की प्रगति और आवश्यकता पर निर्भर करता है।



138. धारा 58(3) के तहत दस्तावेजों की प्रामाणिकता कैसे सुनिश्चित की जाती है?


दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और मुहर द्वारा प्रामाणिकता सुनिश्चित की जाती है।



139. धारा 59(3) के तहत गलत गिरफ्तारी की जांच कौन करता है?


जांच मजिस्ट्रेट या वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा की जाती है।



140. धारा 60(3) के तहत फरार व्यक्ति की संपत्ति का प्रावधान क्या है?


संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त की जा सकती है।



141. धारा 61(4) के तहत समन की वैधता क्या है?


समन तब तक वैध है जब तक रद्द या पूरा न हो।



142. धारा 62(4) के तहत इलेक्ट्रॉनिक समन की Ascertain की वैधता क्या है?


इलेक्ट्रॉनिक समन की वैधता डिजिटल हस्ताक्षर द्वारा प्रमाणित होनी चाहिए।



143. धारा 63(3) के तहत समन अस्वीकृति की प्रक्रिया क्या है?


अस्वीकृति पर अदालत वारंट जारी कर सकती है।



144. धारा 64(3) के तहत बाहर के क्षेत्र में समन की प्रक्रिया क्या है?


समन स्थानीय पुलिस की सहायता से तामील किया जाता है।



145. धारा 65(3) के तहत संगठन को समन की प्रक्रिया क्या है?


संगठन के अधिकृत व्यक्ति को समन दिया जाता है।



146. धारा 66(3) के तहत सरकारी कर्मचारी को समन की प्रक्रिया क्या है?


समन विभागीय अधिकारी के माध्यम से तामील किया जाता है।



147. धारा 67(3) के तहत समन तामील की समय-सीमा क्या है?


समन उचित समय के भीतर तामील किया जाना चाहिए।



148. धारा 68(3) के तहत तामील के प्रमाण की प्रक्रिया क्या है?


प्रमाण पत्र अदालत में जमा किया जाता है।



149. धारा 69(3) के तहत समन पालन न करने की सजा क्या है?


सजा में जुर्माना या हिरासत शामिल हो सकती है।



150. धारा 70(4) के तहत गैर-जमानती वारंट का प्रावधान क्या है?


गैर-जमानती वारंट में जमानत अदालत के विवेक पर होती है।







151. धारा 71(4) के तहत वारंट तामील की समय-सीमा क्या है?


वारंट शीघ्रता से तामील किया जाना चाहिए।



152. धारा 72(3) के तहत बाहर के क्षेत्र में वारंट की प्रक्रिया क्या है?


वारंट स्थानीय मजिस्ट्रेट की अनुमति से तामील किया जाता है।



153. धारा 73(3) के तहत रात में वारंट तामील की प्रक्रिया क्या है?


रात में तामील केवल आपात स्थिति में होती है।



154. धारा 74(3) के तहत वारंट तामील की सूचना की प्रक्रिया क्या है?


सूचना लिखित रूप में अदालत को दी जाती है।



155. धारा 75(3) के तहत वारंट तामील के प्रमाण की प्रक्रिया क्या है?


प्रमाण पत्र या गवाह का बयान अदालत में जमा किया जाता है।



156. धारा 76(3) के तहत वारंट पालन न करने की प्रक्रिया क्या है?


अदालत व्यक्ति को उद्घोषित अपराधी घोषित कर सकती है।



157. धारा 77(3) के तहत वारंट की वैधता की समीक्षा का प्रावधान क्या है?


वैधता की समीक्षा अदालत द्वारा की जा सकती है।



158. धारा 78(3) के तहत वारंट रद्द करने की प्रक्रिया क्या है?


रद्द करने के लिए लिखित आवेदन अदालत में दिया जाता है।



159. धारा 79(4) के तहत उद्घोषणा की वैधता क्या है?


उद्घोषणा तब तक वैध है जब तक रद्द या पूरी न हो।



160. धारा 80(3) के तहत उद्घोषित अपराधी की गिरफ्तारी की प्रक्रिया क्या है?


गिरफ्तारी पुलिस या निजी व्यक्ति द्वारा हो सकती है।



161. धारा 81(3) के तहत जब्त संपत्ति की प्रक्रिया क्या है?


जब्ती अदालत के आदेश पर होती है।



162. धारा 82(3) के तहत उद्घोषणा तामील की प्रक्रिया क्या है?


तामील सार्वजनिक स्थानों और समाचार पत्रों में होती है।



163. धारा 83(3) के तहत उद्घोषणा रिकॉर्ड की प्रक्रिया क्या है?


रिकॉर्ड अदालत और पुलिस स्टेशन में संग्रहीत होता है।



164. धारा 84(3) के तहत आत्मसमर्पण की प्रक्रिया क्या है?


आत्मसमर्पण अदालत या पुलिस के समक्ष होता है।



165. धारा 85(3) के तहत संपत्ति बहाली की प्रक्रिया क्या है?


बहाली अदालत के आदेश पर होती है।



166. धारा 86(3) के तहत अपील की प्रक्रिया क्या है?


अपील लिखित रूप में उच्च न्यायालय में दायर की जाती है।



167. धारा 87(3) के तहत समन जारी करने की प्रक्रिया क्या है?


समन लिखित आदेश द्वारा जारी किया जाता है।



168. धारा 88(3) के तहत बांड की प्रक्रिया क्या है?


बांड लिखित रूप में अदालत में जमा किया जाता है।



169. धारा 89(3) के तहत बांड जब्ती की सजा क्या है?


जब्ती के साथ जुर्माना भी हो सकता है।



170. धारा 90(3) के तहत क्षेत्राधिकार की प्रक्रिया क्या है?


क्षेत्राधिकार अपराध के स्थान और अदालत के अधिकार पर आधारित है।



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