भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2

THIS IS NOTES FOR Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita 2

























1. धारा 165 के तहत बिना वारंट तलाशी का प्रावधान क्या है?


संज्ञेय अपराध में, यदि सबूत नष्ट होने का खतरा हो, तो पुलिस बिना वारंट तलाशी ले सकती है।



2. धारा 165(2) के तहत बिना वारंट तलाशी का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


तलाशी का कारण और विवरण लिखित रूप में पुलिस स्टेशन में दर्ज किया जाता है।



3. धारा 165(3) के तहत तलाशी के दौरान गवाहों की उपस्थिति क्यों जरूरी है?


पारदर्शिता और विश्वसनीयता के लिए कम से कम दो गवाहों की उपस्थिति अनिवार्य है।



4. धारा 166 के तहत तलाशी की प्रक्रिया का समय क्या है?


तलाशी सामान्यतः दिन के समय की जानी चाहिए, जब तक कि आपात स्थिति न हो।



5. धारा 166(2) के तहत तलाशी का रिकॉर्ड कहां जमा किया जाता है?


तलाशी का रिकॉर्ड मजिस्ट्रेट को प्रस्तुत किया जाता है।



6. धारा 167 के तहत पुलिस हिरासत में रिमांड का प्रावधान क्या है?


पुलिस हिरासत में रिमांड 15 दिन से अधिक नहीं हो सकता।



7. धारा 167(2) के तहत रिमांड के लिए आवेदन का तरीका क्या है?


पुलिस लिखित आवेदन के साथ मजिस्ट्रेट से रिमांड मांगती है।



8. धारा 167(3) के तहत रिमांड की शर्तें क्या हैं?


रिमांड जांच की आवश्यकता और प्रगति के आधार पर दिया जाता है।



9. धारा 168 के तहत जांच अधिकारी की शक्तियां क्या हैं?


जांच अधिकारी साक्ष्य एकत्र कर सकता है, गवाहों से पूछताछ कर सकता है, और तलाशी ले सकता है।



10. धारा 168(2) के तहत जांच अधिकारी का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


जांच का विवरण केस डायरी में दर्ज किया जाता है।



11. धारा 169 के तहत अपर्याप्त साक्ष्य होने पर क्या होता है?


अपर्याप्त साक्ष्य होने पर अभियुक्त को रिहा किया जा सकता है।



12. धारा 169(2) के तहत रिहाई की सूचना किसे दी जाती है?


रिहाई की सूचना मजिस्ट्रेट और अभियुक्त को दी जाती है।



13. धारा 170 के तहत जांच पूरी होने पर क्या होता है?


जांच पूरी होने पर पुलिस रिपोर्ट मजिस्ट्रेट को प्रस्तुत करती है।



14. धारा 170(2) के तहत पुलिस रिपोर्ट में क्या शामिल होता है?


रिपोर्ट में साक्ष्य, गवाहों के बयान, और आरोप शामिल होते हैं।



15. धारा 171 के तहत जांच के दौरान अभियुक्त की उपस्थिति का प्रावधान क्या है?


अभियुक्त को जांच के दौरान उपस्थित होने के लिए कहा जा सकता है।



16. धारा 171(2) के तहत अभियुक्त की अनुपस्थिति का परिणाम क्या है?


अनुपस्थिति पर वारंट जारी हो सकता है।



17. धारा 172 के तहत केस डायरी का प्रावधान क्या है?


जांच अधिकारी प्रत्येक दिन की प्रगति केस डायरी में दर्ज करता है।



18. धारा 172(2) के तहत केस डायरी की प्रति कहां जमा की जाती है?


केस डायरी की प्रति मजिस्ट्रेट को उपलब्ध कराई जाती है।



19. धारा 173 के तहत जांच की समय-सीमा क्या है?


जांच यथासंभव शीघ्र पूरी की जानी चाहिए।



20. धारा 173(2) के तहत जांच की प्रगति रिपोर्ट का प्रावधान क्या है?


प्रगति रिपोर्ट हर 15 दिन में मजिस्ट्रेट को दी जाती है।



21. धारा 174 के तहत अप्राकृतिक मृत्यु की जांच का प्रावधान क्या है?


पुलिस अप्राकृतिक मृत्यु की जांच करती है और मजिस्ट्रेट को सूचित करती है।



22. धारा 174(2) के तहत पोस्टमॉर्टम का प्रावधान क्या है?


अप्राकृतिक मृत्यु में पोस्टमॉर्टम अनिवार्य है।



23. धारा 174(3) के तहत मृत्यु जांच की रिपोर्ट कहां जमा की जाती है?


रिपोर्ट मजिस्ट्रेट को प्रस्तुत की जाती है।



24. धारा 175 के तहत मजिस्ट्रेट की मृत्यु जांच की शक्ति क्या है?


मजिस्ट्रेट स्वयं मृत्यु की जांच कर सकता है या पुलिस को निर्देश दे सकता है।



25. धारा 175(2) के तहत मजिस्ट्रेट की जांच का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


जांच का रिकॉर्ड अदालत में दर्ज किया जाता है।







26. धारा 176 के तहत गवाहों से पूछताछ का प्रावधान क्या है?


पुलिस गवाहों को बुलाकर उनके बयान दर्ज कर सकती है।



27. धारा 176(2) के तहत गवाहों के बयान का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


बयान लिखित रूप में दर्ज किए जाते हैं और गवाह के हस्ताक्षर लिए जाते हैं।



28. धारा 176(3) के तहत गवाहों को बुलाने का तरीका क्या है?


गवाहों को समन या लिखित नोटिस द्वारा बुलाया जाता है।



29. धारा 177 के तहत गवाहों के बयान की प्रामाणिकता कैसे सुनिश्चित की जाती है?


बयान स्वेच्छा से और बिना दबाव के लिए जाते हैं।



30. धारा 177(2) के तहत गवाहों को सुरक्षा का प्रावधान क्या है?


आवश्यकता पड़ने पर गवाहों को पुलिस सुरक्षा दी जा सकती है।



31. धारा 178 के तहत जांच के दौरान दस्तावेजों की मांग का प्रावधान क्या है?


पुलिस जांच के लिए किसी से दस्तावेज मांग सकती है।



32. धारा 178(2) के तहत दस्तावेज न देने का परिणाम क्या है?


दस्तावेज न देने पर समन या वारंट जारी हो सकता है।



33. धारा 179 के तहत जांच के दौरान स्थान का निरीक्षण कैसे होता है?


पुलिस अपराध स्थल का निरीक्षण कर सकती है और रिकॉर्ड बना सकती है।



34. धारा 179(2) के तहत निरीक्षण का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


निरीक्षण का विवरण केस डायरी में दर्ज किया जाता है।



35. धारा 180 के तहत जांच के दौरान फोटोग्राफी का प्रावधान क्या है?


अपराध स्थल की फोटोग्राफी साक्ष्य के लिए की जा सकती है।



36. धारा 180(2) के तहत फोटोग्राफी की प्रामाणिकता कैसे सुनिश्चित की जाती है?


फोटो पर समय और स्थान का उल्लेख किया जाता है।



37. धारा 181 के तहत जांच के दौरान वीडियोग्राफी का प्रावधान क्या है?


महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं की वीडियोग्राफी पारदर्शिता के लिए की जाती है।



38. धारा 181(2) के तहत वीडियोग्राफी का रिकॉर्ड कहां रखा जाता है?


वीडियो रिकॉर्ड पुलिस स्टेशन और अदालत में सुरक्षित रखा जाता है।



39. धारा 182 के तहत जांच के दौरान साक्ष्य की जब्ती का प्रावधान क्या है?


साक्ष्य को जब्त कर अदालत के आदेश तक सुरक्षित रखा जाता है।



40. धारा 182(2) के तहत जब्ती का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


जब्ती का विवरण लिखित रूप में दर्ज किया जाता है।



41. धारा 183 के तहत जब्त सामग्री की सुरक्षा का प्रावधान क्या है?


जब्त सामग्री को सुरक्षित स्थान पर सील करके रखा जाता है।



42. धारा 183(2) के तहत जब्त सामग्री की प्रति किसे दी जाती है?


जब्ती की प्रति मालिक या संबंधित व्यक्ति को दी जाती है।



43. धारा 184 के तहत जब्त सामग्री के निपटान का प्रावधान क्या है?


निपटान अदालत के अंतिम आदेश पर होता है।



44. धारा 184(2) के तहत जब्त सामग्री की वापसी कब होती है?


मामला समाप्त होने पर सामग्री मालिक को वापस की जा सकती है।



45. धारा 185 के तहत जब्त संपत्ति का प्रबंधन कैसे होता है?


जब्त संपत्ति का रिकॉर्ड बनाया जाता और उसे सुरक्षित रखा जाता है।



46. धारा 185(2) के तहत जब्त संपत्ति की सूची कहां जमा की जाती है?


सूची मजिस्ट्रेट को प्रस्तुत की जाती है।



47. धारा 186 के तहत जांच के दौरान विशेषज्ञ की राय का प्रावधान क्या है?


जांच के लिए फॉरेंसिक या अन्य विशेषज्ञों की राय ली जा सकती है।



48. धारा 186(2) के तहत विशेषज्ञ की रिपोर्ट का उपयोग कैसे होता है?


रिपोर्ट साक्ष्य के रूप में अदालत में प्रस्तुत की जाती है।



49. धारा 187 के तहत जांच के दौरान नमूने लेने का प्रावधान क्या है?


साक्ष्य के लिए रक्त, डीएनए, या अन्य नमूने लिए जा सकते हैं।



50. धारा 187(2) के तहत नमूने लेने की प्रक्रिया क्या है?


नमूने चिकित्सा अधिकारी या विशेषज्ञ द्वारा लिए जाते हैं।







51. धारा 188 के तहत नमूनों की जांच का प्रावधान क्या है?


नमूनों की जांच प्रमाणित प्रयोगशाला में की जाती है।



52. धारा 188(2) के तहत जांच रिपोर्ट की प्रति किसे दी जाती है?


रिपोर्ट की प्रति अभियुक्त और अदालत को दी जाती है।



53. धारा 189 के तहत जांच के दौरान डीएनए प्रोफाइलिंग का प्रावधान क्या है?


गंभीर अपराधों में डीएनए प्रोफाइलिंग अनिवार्य हो सकती है।



54. धारा 189(2) के तहत डीएनए डेटा की गोपनीयता कैसे रखी जाती है?


डीएनए डेटा को सुरक्षित और गोपनीय रखा जाता है।



55. धारा 190 के तहत जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्य का प्रावधान क्या है?


सीसीटीवी, मोबाइल डेटा, या अन्य तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए जा सकते हैं।



56. धारा 190(2) के तहत तकनीकी साक्ष्य की प्रामाणिकता कैसे सुनिश्चित की जाती है?


साक्ष्य की प्रामाणिकता विशेषज्ञ द्वारा प्रमाणित की जाती है।



57. धारा 191 के तहत जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच का प्रावधान क्या है?


मोबाइल, लैपटॉप जैसे उपकरणों की जांच विशेषज्ञ द्वारा की जाती है।



58. धारा 191(2) के तहत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जब्ती कैसे होती है?


उपकरणों को सील करके सुरक्षित रखा जाता है।



59. धारा 192 के तहत जांच के दौरान डिजिटल साक्ष्य की प्रक्रिया क्या है?


डिजिटल साक्ष्य विशेषज्ञ द्वारा एकत्र और विश्लेषित किए जाते हैं।



60. धारा 192(2) के तहत डिजिटल साक्ष्य की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति अभियुक्त और अदालत को उपलब्ध कराई जाती है।



61. धारा 193 के तहत फॉरेंसिक जांच का प्रावधान क्या है?


सात साल या अधिक सजा वाले अपराधों में फॉरेंसिक जांच अनिवार्य है।



62. धारा 193(2) के तहत फॉरेंसिक जांच की समय-सीमा क्या है?


जांच यथासंभव शीघ्र पूरी की जानी चाहिए।



63. धारा 193(3) के तहत फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट कहां जमा की जाती है?


रिपोर्ट मजिस्ट्रेट और पुलिस को प्रस्तुत की जाती है।



64. धारा 194 के तहत फॉरेंसिक विशेषज्ञ की योग्यता क्या है?


विशेषज्ञ को मान्यता प्राप्त संस्थान से प्रशिक्षित होना चाहिए।



65. धारा 194(2) के तहत फॉरेंसिक विशेषज्ञ की नियुक्ति कैसे होती है?


नियुक्ति पुलिस या अदालत के आदेश पर होती है।



66. धारा 195 के तहत फॉरेंसिक जांच की गोपनीयता का प्रावधान क्या है?


जांच की जानकारी गोपनीय रखी जाती है और केवल अधिकृत व्यक्तियों को दी जाती है।



67. धारा 195(2) के तहत फॉरेंसिक डेटा की सुरक्षा कैसे की जाती है?


डेटा को सुरक्षित सर्वर पर संग्रहीत किया जाता है।



68. धारा 196 के तहत जांच के दौरान साक्ष्य की चेन ऑफ कस्टडी का प्रावधान क्या है?


साक्ष्य की चेन ऑफ कस्टडी रिकॉर्ड द्वारा सुनिश्चित की जाती है।



69. धारा 196(2) के तहत चेन ऑफ कस्टडी का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


प्रत्येक हस्तांतरण का लिखित रिकॉर्ड बनाया जाता है।



70. धारा 197 के तहत जांच के दौरान साक्ष्य की प्रामाणिकता का प्रावधान क्या है?


साक्ष्य की प्रामाणिकता विशेषज्ञ द्वारा प्रमाणित की जाती है।



71. धारा 197(2) के तहत साक्ष्य की प्रामाणिकता की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति अभियुक्त और अदालत को दी जाती है।



72. धारा 198 के तहत जांच के दौरान साक्ष्य की प्रस्तुति का प्रावधान क्या है?


साक्ष्य अदालत में लिखित और मौखिक रूप में प्रस्तुत किए जाते हैं।



73. धारा 198(2) के तहत साक्ष्य प्रस्तुति की प्रक्रिया क्या है?


साक्ष्य को क्रमबद्ध और रिकॉर्ड के साथ प्रस्तुत किया जाता है।



74. धारा 199 के तहत जांच के दौरान गवाहों की सुरक्षा का प्रावधान क्या है?


गवाहों को खतरे की स्थिति में पुलिस सुरक्षा दी जा सकती है।



75. धारा 199(2) के तहत गवाह सुरक्षा की अवधि क्या है?


सुरक्षा मामले की सुनवाई तक या आवश्यकता अनुसार दी जाती है।







76. धारा 200 के तहत डिजिटल साक्ष्य संग्रह का प्रावधान क्या है?


डिजिटल साक्ष्य विशेषज्ञों द्वारा एकत्र और विश्लेषित किए जाते हैं।



77. धारा 200(2) के तहत डिजिटल साक्ष्य की सुरक्षा कैसे की जाती है?


साक्ष्य को सुरक्षित और हैक-प्रूफ सिस्टम में रखा जाता है।



78. धारा 165(4) के तहत तलाशी के दौरान जब्त सामग्री का क्या होता है?


जब्त सामग्री को सील कर अदालत के आदेश तक रखा जाता है।



79. धारा 166(3) के तहत तलाशी के दौरान गवाहों का चयन कैसे होता है?


गवाहों को स्थानीय और स्वतंत्र व्यक्तियों में से चुना जाता है।



80. धारा 167(4) के तहत रिमांड की समीक्षा का प्रावधान क्या है?


रिमांड की समीक्षा मजिस्ट्रेट द्वारा नियमित रूप से की जाती है।



81. धारा 168(3) के तहत जांच अधिकारी की जवाबदेही क्या है?


अधिकारी को जांच में निष्पक्षता और कानून का पालन करना होता है।



82. धारा 169(3) के तहत रिहाई के बाद पुनर्जांच का प्रावधान क्या है?


नए साक्ष्य मिलने पर पुनर्जांच की जा सकती है।



83. धारा 170(3) के तहत पुलिस रिपोर्ट की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति अभियुक्त और मजिस्ट्रेट को दी जाती है।



84. धारा 171(3) के तहत अभियुक्त की उपस्थिति के लिए समन का प्रावधान क्या है?


अभियुक्त को समन द्वारा उपस्थित होने के लिए कहा जा सकता है।



85. धारा 172(3) के तहत केस डायरी की गोपनीयता कैसे रखी जाती है?


केस डायरी केवल अधिकृत व्यक्तियों को उपलब्ध होती है।



86. धारा 173(3) के तहत जांच में देरी का परिणाम क्या है?


देरी होने पर मजिस्ट्रेट को कारण बताना होता है।



87. धारा 174(4) के तहत अप्राकृतिक मृत्यु की जांच में गवाहों की भूमिका क्या है?


गवाह मृत्यु के कारणों की पुष्टि में मदद करते हैं।



88. धारा 175(3) के तहत मजिस्ट्रेट की जांच की समय-सीमा क्या है?


जांच यथासंभव शीघ्र पूरी की जानी चाहिए।



89. धारा 176(4) के तहत गवाहों के बयान की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति अभियुक्त और अदालत को दी जा सकती है।



90. धारा 177(3) के तहत गवाहों को बयान देने के लिए बाध्य करने का प्रावधान क्या है?


गवाहों को समन द्वारा बयान देने के लिए बाध्य किया जा सकता है।



91. धारा 178(3) के तहत दस्तावेज मांगने की प्रक्रिया क्या है?


लिखित नोटिस द्वारा दस्तावेज मांगे जाते हैं।



92. धारा 179(3) के तहत अपराध स्थल निरीक्षण की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति मजिस्ट्रेट और अभियुक्त को दी जाती है।



93. धारा 180(3) के तहत फोटोग्राफी की प्रति कहां जमा की जाती है?


प्रति पुलिस स्टेशन और अदालत में जमा की जाती है।



94. धारा 181(3) के तहत वीडियोग्राफी की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति अभियुक्त और अदालत को उपलब्ध कराई जाती है।



95. धारा 182(3) के तहत जब्ती की सूचना किसे दी जाती है?


सूचना सामग्री के मालिक और मजिस्ट्रेट को दी जाती है।



96. धारा 183(3) के तहत जब्त सामग्री की जांच का प्रावधान क्या है?


सामग्री की जांच विशेषज्ञ द्वारा की जा सकती है।



97. धारा 184(3) के तहत जब्त सामग्री की वापसी की प्रक्रिया क्या है?


वापसी के लिए लिखित आवेदन अदालत में दिया जाता है।



98. धारा 185(3) के तहत जब्त संपत्ति की सुरक्षा कैसे की जाती है?


संपत्ति को सील कर सुरक्षित स्थान पर रखा जाता है।



99. धारा 186(3) के तहत विशेषज्ञ की राय की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति अभियुक्त और अदालत को दी जाती है।



100. धारा 187(3) के तहत नमूने लेने की सूचना किसे दी जाती है?


सूचना अभियुक्त और मजिस्ट्रेट को दी जाती है।







101. धारा 188(3) के तहत नमूनों की जांच की गोपनीयता कैसे रखी जाती है?


जांच की जानकारी केवल अधिकृत व्यक्तियों को दी जाती है।



102. धारा 189(3) के तहत डीएनए प्रोफाइलिंग की प्रति कहां जमा की जाती है?


प्रति फॉरेंसिक प्रयोगशाला और अदालत में जमा की जाती है।



103. धारा 190(3) के तहत तकनीकी साक्ष्य की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति अभियुक्त और अदालत को दी जाती है।



104. धारा 191(3) के तहत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की प्रति कहां जमा की जाती है?


प्रति पुलिस स्टेशन और अदालत में जमा की जाती है।



105. धारा 192(3) के तहत डिजिटल साक्ष्य की गोपनीयता कैसे रखी जाती है?


साक्ष्य को सुरक्षित और गोपनीय सिस्टम में रखा जाता है।



106. धारा 193(4) के तहत फॉरेंसिक जांच की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति अभियुक्त, पुलिस, और अदालत को दी जाती है।



107. धारा 194(3) के तहत फॉरेंसिक विशेषज्ञ की रिपोर्ट की प्रामाणिकता कैसे सुनिश्चित की जाती है?


रिपोर्ट पर विशेषज्ञ के हस्ताक्षर और मुहर होती है।



108. धारा 195(3) के तहत फॉरेंसिक जांच की प्रति कहां जमा की जाती है?


प्रति अदालत और पुलिस स्टेशन में जमा की जाती है।



109. धारा 196(3) के तहत चेन ऑफ कस्टडी की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति अभियुक्त और अदालत को दी जाती है।



110. धारा 197(3) के तहत साक्ष्य की प्रामाणिकता की प्रक्रिया क्या है?


प्रामाणिकता विशेषज्ञ के प्रमाणन और रिकॉर्ड द्वारा सुनिश्चित की जाती है।



111. धारा 198(3) के तहत साक्ष्य प्रस्तुति की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति अभियुक्त और अदालत को दी जाती है।



112. धारा 199(3) के तहत गवाह सुरक्षा की प्रक्रिया क्या है?


सुरक्षा के लिए लिखित आवेदन पुलिस को दिया जाता है।



113. धारा 200(3) के तहत डिजिटल साक्ष्य की प्रामाणिकता कैसे सुनिश्चित की जाती है?


प्रामाणिकता डिजिटल हस्ताक्षर और विशेषज्ञ प्रमाणन द्वारा सुनिश्चित की जाती है।



114. धारा 165(5) के तहत तलाशी की सूचना किसे दी जाती है?


सूचना स्थान के मालिक और मजिस्ट्रेट को दी जाती है।



115. धारा 166(4) के तहत तलाशी की प्रक्रिया की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति अभियुक्त और अदालत को दी जाती है।



116. धारा 167(5) के तहत रिमांड की प्रति कहां जमा की जाती है?


प्रति अदालत और पुलिस स्टेशन में जमा की जाती है।



117. धारा 168(4) के तहत जांच अधिकारी की प्रति कहां जमा की जाती है?


प्रति मजिस्ट्रेट और पुलिस स्टेशन में जमा की जाती है।



118. धारा 169(4) के तहत रिहाई की प्रक्रिया क्या है?


रिहाई लिखित आदेश द्वारा मजिस्ट्रेट के समक्ष होती है।



119. धारा 170(4) के तहत पुलिस रिपोर्ट की गोपनीयता कैसे रखी जाती है?


रिपोर्ट केवल अधिकृत व्यक्तियों को दी जाती है।



120. धारा 171(4) के तहत अभियुक्त की उपस्थिति की प्रति कहां जमा की जाती है?


प्रति अदालत और पुलिस स्टेशन में जमा की जाती है।



121. धारा 172(4) के तहत केस डायरी की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति अभियुक्त और अदालत को दी जा सकती है।



122. धारा 173(4) के तहत जांच की प्रगति रिपोर्ट की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति अभियुक्त और अदालत को दी जाती है।



123. धारा 174(5) के तहत अप्राकृतिक मृत्यु की जांच की प्रति कहां जमा की जाती है?


प्रति अदालत और पुलिस स्टेशन में जमा की जाती है।



124. धारा 175(4) के तहत मजिस्ट्रेट की जांच की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति पुलिस और अभियुक्त को दी जा सकती है।



125. धारा 176(5) के तहत गवाहों के बयान की गोपनीयता कैसे रखी जाती है?


बयान केवल अधिकृत व्यक्तियों को उपलब्ध होते हैं।







126. धारा 177(4) के तहत गवाहों की सुरक्षा की प्रति कहां जमा की जाती है?


प्रति पुलिस स्टेशन और अदालत में जमा की जाती है।



127. धारा 178(4) के तहत दस्तावेज मांगने की प्रति कहां जमा की जाती है?


प्रति अदालत और पुलिस स्टेशन में जमा की जाती है।



128. धारा 179(4) के तहत अपराध स्थल निरीक्षण की प्रति कहां जमा की जाती है?


प्रति अदालत और पुलिस स्टेशन में जमा की जाती है।



129. धारा 180(4) के तहत फोटोग्राफी की गोपनीयता कैसे रखी जाती है?


फोटो केवल अधिकृत व्यक्तियों को उपलब्ध होती हैं।



130. धारा 181(4) के तहत वीडियोग्राफी की गोपनीयता कैसे रखी जाती है?


वीडियो केवल अधिकृत व्यक्तियों को उपलब्ध होते हैं।



131. धारा 182(4) के तहत जब्ती की प्रति कहां जमा की जाती है?


प्रति अदालत और पुलिस स्टेशन में जमा की जाती है।



132. धारा 183(4) के तहत जब्त सामग्री की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति मालिक और अदालत को दी जाती है।



133. धारा 184(4) के तहत जब्त सामग्री की वापसी की प्रति कहां जमा की जाती है?


प्रति अदालत और पुलिस स्टेशन में जमा की जाती है।



134. धारा 185(4) के तहत जब्त संपत्ति की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति मालिक और अदालत को दी जाती है।



135. धारा 186(4) के तहत विशेषज्ञ की राय की गोपनीयता कैसे रखी जाती है?


राय केवल अधिकृत व्यक्तियों को दी जाती है।



136. धारा 187(4) के तहत नमूने लेने की प्रति कहां जमा की जाती है?


प्रति अदालत और पुलिस स्टेशन में जमा की जाती है।



137. धारा 188(4) के तहत नमूनों की जांच की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति अभियुक्त और अदालत को दी जाती है।



138. धारा 189(4) के तहत डीएनए प्रोफाइलिंग की गोपनीयता कैसे रखी जाती है?


प्रोफाइल केवल अधिकृत व्यक्तियों को उपलब्ध होती है।



139. धारा 190(4) के तहत तकनीकी साक्ष्य की गोपनीयता कैसे रखी जाती है?


साक्ष्य केवल अधिकृत व्यक्तियों को उपलब्ध होते हैं।



140. धारा 191(4) के तहत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की गोपनीयता कैसे रखी जाती है?


जांच की जानकारी केवल अधिकृत व्यक्तियों को दी जाती है।



141. धारा 192(4) के तहत डिजिटल साक्ष्य की प्रति कहां जमा की जाती है?


प्रति अदालत और पुलिस स्टेशन में जमा की जाती है।



142. धारा 193(5) के तहत फॉरेंसिक जांच की गोपनीयता कैसे रखी जाती है?


जांच की जानकारी केवल अधिकृत व्यक्तियों को उपलब्ध होती है।



143. धारा 194(4) के तहत फॉरेंसिक विशेषज्ञ की नियुक्ति की प्रति कहां जमा की जाती है?


प्रति अदालत और पुलिस स्टेशन में जमा की जाती है।



144. धारा 195(4) के तहत फॉरेंसिक जांच की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति अभियुक्त और अदालत को दी जाती है।



145. धारा 196(4) के तहत चेन ऑफ कस्टडी की गोपनीयता कैसे रखी जाती है?


कस्टडी का रिकॉर्ड केवल अधिकृत व्यक्तियों को उपलब्ध होता है।



146. धारा 197(4) के तहत साक्ष्य की प्रामाणिकता की प्रति कहां जमा की जाती है?


प्रति अदालत और पुलिस स्टेशन में जमा की जाती है।



147. धारा 198(4) के तहत साक्ष्य प्रस्तुति की गोपनीयता कैसे रखी जाती है?


साक्ष्य केवल अधिकृत व्यक्तियों को उपलब्ध होते हैं।



148. धारा 199(4) के तहत गवाह सुरक्षा की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति गवाह और अदालत को दी जाती है।



149. धारा 200(4) के तहत डिजिटल साक्ष्य की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति अभियुक्त और अदालत को दी जाती है।



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