भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 3

THIS IS NOTES FOR भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 3

























1. धारा 479 के तहत जमानत आवेदन का प्रावधान क्या है?


अभियुक्त या उसका वकील लिखित या मौखिक रूप से जमानत के लिए आवेदन कर सकता है।



2. धारा 479(2) के तहत जमानत आवेदन की प्रक्रिया क्या है?


आवेदन मजिस्ट्रेट या सत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाता है।



3. धारा 479(3) के तहत जमानत आवेदन की समय-सीमा क्या है?


आवेदन गिरफ्तारी के बाद यथासंभव शीघ्र दायर किया जाना चाहिए।



4. धारा 479(4) के तರಿಅभियुक्त की जमानत के लिए सुनवाई का अधिकार क्या है?


अभियुक्त को जमानत के लिए सुनवाई का अधिकार है और उसे सूचित किया जाना चाहिए।



5. धारा 480 के तहत जमानत देने का आधार क्या है?


जमानत अपराध की प्रकृति, अभियुक्त का रिकॉर्ड, और साक्ष्य के आधार पर दी जाती है।



6. धारा 480(2) के तहत जमानती अपराध में जमानत का प्रावधान क्या है?


जमानती अपराध में जमानत अभियुक्त का अधिकार है।



7. धारा 480(3) के तहत गैर-जमानती अपराध में जमानत का प्रावधान क्या है?


गैर-जमानती अपराध में जमानत अदालत के विवेक पर दी जाती है।



8. धारा 480(4) के तहत जमानत की शर्तें क्या हो सकती हैं?


शर्तों में बांड, गारंटर, या उपस्थिति की गारंटी शामिल हो सकती है।



9. धारा 481 के तहत अग्रिम जमानत का प्रावधान क्या है?


गिरफ्तारी के भय होने पर व्यक्ति अग्रिम जमानत के लिए आवेदन कर सकता है।



10. धारा 481(2) के तहत अग्रिम जमानत की प्रक्रिया क्या है?


आवेदन सत्र न्यायालय या उच्च न्यायालय में दायर किया जाता है।



11. धारा 481(3) के तहत अग्रिम जमानत की शर्तें क्या हैं?


शर्तों में जांच में सहयोग और उपस्थिति शामिल हो सकती है।



12. धारा 481(4) के तहत अग्रिम जमानत की अवधि क्या है?


अग्रिम जमानत मामले की सुनवाई तक या अदालत के आदेश तक वैध होती है।



13. धारा 482 के तहत जमानत रद्द करने का प्रावधान क्या है?


जमानत शर्तों के उल्लंघन या नए अपराध पर रद्द की जा सकती है।



14. धारा 482(2) के तहत जमानत रद्द करने की प्रक्रिया क्या है?


रद्द करने के लिए अदालत में आवेदन दायर किया जाता है।



15. धारा 482(3) के तहत जमानत रद्द करने की सूचना कैसे दी जाती है?


सूचना अभियुक्त और गारंटर को दी जाती है।



16. धारा 482(4) के तहत जमानत रद्द होने का परिणाम क्या है?


अभियुक्त को फिर से हिरासत में लिया जा सकता है।



17. धारा 483 के तहत जमानत बांड का प्रावधान क्या है?


जमानत के लिए बांड और गारंटर की आवश्यकता हो सकती है।



18. धारा 483(2) के तहत बांड की राशि कौन तय करता है?


बांड की राशि अदालत द्वारा तय की जाती है।



19. धारा 483(3) के तहत बांड की प्रति कहां जमा की जाती है?


बांड की प्रति अदालत में जमा की जाती है।



20. धारा 483(4) के तहत बांड के उल्लंघन का परिणाम क्या है?


उल्लंघन पर बांड की राशि जब्त हो सकती है।



21. धारा 484 के तहत जमानत की समीक्षा का प्रावधान क्या है?


जमानत की शर्तों की समीक्षा अदालत द्वारा समय-समय पर की जा सकती है।



22. धारा 484(2) के तहत जमानत समीक्षा की प्रक्रिया क्या है?


समीक्षा के लिए अदालत में सुनवाई होती है।



23. धारा 484(3) के तहत जमानत समीक्षा की सूचना किसे दी जाती है?


सूचना अभियुक्त और अभियोजन पक्ष को दी जाती है।



24. धारा 484(4) के तहत जमानत समीक्षा का परिणाम क्या हो सकता है?


समीक्षा के आधार पर जमानत रद्द या शर्तें बदली जा सकती हैं।



25. धारा 316 के तहत अभियुक्त से पूछताछ का प्रावधान क्या है?


अभियुक्त से पूछताछ रिकॉर्ड की जाती है और उसे स्वीकार्य बयान देने का अधिकार है।







26. धारा 316(2) के तहत पूछताछ की प्रक्रिया क्या है?


पूछताछ अदालत में मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में होती है।



27. धारा 316(3) के तहत पूछताछ का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


पूछताछ का रिकॉर्ड लिखित रूप में दर्ज किया जाता है।



28. धारा 316(4) के तहत पूछताछ की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति अभियुक्त और अभियोजन पक्ष को दी जाती है।



29. धारा 317 के तहत गवाहों की उपस्थिति का प्रावधान क्या है?


गवाहों को समन द्वारा अदालत में उपस्थित होने के लिए बाध्य किया जाता है।



30. धारा 317(2) के तहत गवाहों की उपस्थिति की प्रक्रिया क्या है?


गवाहों को समन लिखित या इलेक्ट्रॉनिक रूप में जारी किया जाता है।



31. धारा 317(3) के तहत गवाहों की अनुपस्थिति का परिणाम क्या है?


अनुपस्थिति पर वारंट जारी हो सकता है।



32. धारा 317(4) के तहत गवाहों की उपस्थिति का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


उपस्थिति का रिकॉर्ड अदालत में दर्ज किया जाता है।



33. धारा 318 के तहत गवाहों से जिरह का प्रावधान क्या है?


अभियुक्त या उसका वकील गवाहों से जिरह कर सकता है।



34. धारा 318(2) के तहत जिरह की प्रक्रिया क्या है?


जिरह अदालत की अनुमति और नियंत्रण में होती है।



35. धारा 318(3) के तहत जिरह का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


जिरह का रिकॉर्ड लिखित रूप में दर्ज किया जाता है।



36. धारा 318(4) के तहत जिरह की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति अभियुक्त और अभियोजन पक्ष को दी जाती है।



37. धारा 319 के तहत साक्ष्य प्रस्तुति का प्रावधान क्या है?


साक्ष्य अभियोजन और बचाव पक्ष द्वारा अदालत में प्रस्तुत किए जाते हैं।



38. धारा 319(2) के तहत साक्ष्य प्रस्तुति की प्रक्रिया क्या है?


साक्ष्य क्रमबद्ध और रिकॉर्ड के साथ प्रस्तुत किए जाते हैं।



39. धारा 319(3) के तहत साक्ष्य की प्रामाणिकता कैसे सुनिश्चित की जाती है?


साक्ष्य की प्रामाणिकता विशेषज्ञ या गवाह द्वारा प्रमाणित की जाती है।



40. धारा 319(4) के तहत साक्ष्य प्रस्तुति का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


साक्ष्य का रिकॉर्ड अदालत में लिखित रूप में दर्ज किया जाता है।



41. धारा 320 के तहत अभियोजन पक्ष की शुरुआत का प्रावधान क्या है?


अभियोजन पक्ष मामले की शुरुआत में अपने साक्ष्य प्रस्तुत करता है।



42. धारा 320(2) के तहत अभियोजन पक्ष की प्रक्रिया क्या है?


अभियोजन पक्ष गवाहों और साक्ष्य के साथ मामले को प्रस्तुत करता है।



43. धारा 320(3) के तहत अभियोजन पक्ष का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


रिकॉर्ड लिखित रूप में अदालत में दर्ज किया जाता है।



44. धारा 320(4) के तहत अभियोजन पक्ष की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति अभियुक्त और बचाव पक्ष को दी जाती है।



45. धारा 321 के तहत बचाव पक्ष की प्रस्तुति का प्रावधान क्या है?


बचाव पक्ष अभियोजन के बाद अपने साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत करता है।



46. धारा 321(2) के तहत बचाव पक्ष की प्रक्रिया क्या है?


बचाव पक्ष गवाहों की जिरह और साक्ष्य प्रस्तुत करता है।



47. धारा 321(3) के तहत बचाव पक्ष का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


रिकॉर्ड लिखित रूप में अदालत में दर्ज किया जाता है।



48. धारा 321(4) के तहत बचाव पक्ष की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति अभियोजन पक्ष और अदालत को दी जाती है।



49. धारा 322 के तहत साक्ष्य की समीक्षा का प्रावधान क्या है?


अदालत सभी साक्ष्य की समीक्षा करती है और उनकी प्रासंगिकता जांचती है।



50. धारा 322(2) के तहत साक्ष्य समीक्षा की प्रक्रिया क्या है?


समीक्षा सुनवाई के दौरान पक्षों की उपस्थिति में होती है।







51. धारा 322(3) के तहत साक्ष्य समीक्षा का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


समीक्षा का रिकॉर्ड लिखित रूप में दर्ज किया जाता है।



52. धारा 322(4) के तहत साक्ष्य समीक्षा की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति दोनों पक्षों और अदालत को दी जाती है।



53. धारा 323 के तहत अंतिम बहस का प्रावधान क्या है?


दोनों पक्ष सुनवाई के अंत में अपनी अंतिम बहस प्रस्तुत करते हैं।



54. धारा 323(2) के तहत अंतिम बहस की प्रक्रिया क्या है?


बहस लिखित या मौखिक रूप में प्रस्तुत की जाती है।



55. धारा 323(3) के तहत अंतिम बहस का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


बहस का रिकॉर्ड लिखित रूप में दर्ज किया जाता है।



56. धारा 323(4) के तहत अंतिम बहस की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति दोनों पक्षों और अदालत को दी जाती है।



57. धारा 324 के तहत फैसले की तैयारी का प्रावधान क्या है?


अदालत साक्ष्य और बहस के आधार पर फैसला तैयार करती है।



58. धारा 324(2) के तहत फैसले की प्रक्रिया क्या है?


फैसला लिखित रूप में तैयार किया जाता है।



59. धारा 324(3) के तहत फैसले का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


फैसला अदालत के रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है।



60. धारा 324(4) के तहत फैसले की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति अभियुक्त और अभियोजन पक्ष को दी जाती है।



61. धारा 353 के तहत फैसले की घोषणा का प्रावधान क्या है?


फैसला खुली अदालत में घोषित किया जाता है।



62. धारा 353(2) के तहत फैसले की घोषणा की प्रक्रिया क्या है?


फैसला दोनों पक्षों की उपस्थिति में पढ़ा जाता है।



63. धारा 353(3) के तहत फैसले की घोषणा का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


घोषणा का रिकॉर्ड अदालत में दर्ज किया जाता है।



64. धारा 353(4) के तहत फैसले की घोषणा की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति अभियुक्त और अभियोजन पक्ष को दी जाती है।



65. धारा 394 के तहत अपील दायर करने का प्रावधान क्या है?


फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय या सत्र न्यायालय में अपील दायर की जा सकती है।



66. धारा 394(2) के तहत अपील दायर करने की समय-सीमा क्या है?


अपील सामान्यतः फैसले के 30 दिनों के भीतर दायर की जानी चाहिए।



67. धारा 394(3) के तहत अपील की प्रक्रिया क्या है?


अपील लिखित रूप में और आधारों के साथ दायर की जाती है।



68. धारा 394(4) के तहत अपील की प्रति कहां जमा की जाती है?


प्रति अपीलीय अदालत और निचली अदालत में जमा की जाती है।



69. धारा 395 के तहत अपील की सुनवाई का प्रावधान क्या है?


अपीलीय अदालत अपील की सुनवाई करती है और साक्ष्य की समीक्षा करती है।



70. धारा 395(2) के तहत अपील सुनवाई की प्रक्रिया क्या है?


सुनवाई दोनों पक्षों की उपस्थिति में होती है।



71. धारा 395(3) के तहत अपील सुनवाई का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


सुनवाई का रिकॉर्ड लिखित रूप में दर्ज किया जाता है।



72. धारा 395(4) के तहत अपील सुनवाई की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति दोनों पक्षों और निचली अदालत को दी जाती है।



73. धारा 396 के तहत अपील के फैसले का प्रावधान क्या है?


अपीलीय अदालत फैसले को बरकरार रख सकती है, बदल सकती है, या रद्द कर सकती है।



74. धारा 396(2) के तहत अपील के फैसले की प्रक्रिया क्या है?


फैसला लिखित रूप में तैयार और घोषित किया जाता है।



75. धारा 396(3) के तहत अपील के फैसले का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


फैसला अदालत के रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है।







76. धारा 396(4) के तहत अपील के फैसले की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति दोनों पक्षों और निचली अदालत को दी जाती है।



77. धारा 397 के तहत अपील में नई साक्ष्य का प्रावधान क्या है?


नई साक्ष्य अपीलीय अदालत की अनुमति से प्रस्तुत की जा सकती है।



78. धारा 397(2) के तहत नई साक्ष्य की प्रक्रिया क्या है?


साक्ष्य लिखित आवेदन के साथ प्रस्तुत की जाती है।



79. धारा 397(3) के तहत नई साक्ष्य का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


साक्ष्य का रिकॉर्ड अदालत में दर्ज किया जाता है।



80. धारा 397(4) के तहत नई साक्ष्य की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति दोनों पक्षों और अदालत को दी जाती है।



81. धारा 398 के तहत अपील में जमानत का प्रावधान क्या है?


अपील लंबित होने पर अभियुक्त को जमानत दी जा सकती है।



82. धारा 398(2) के तहत अपील में जमानत की प्रक्रिया क्या है?


जमानत के लिए लिखित आवेदन अपीलीय अदालत में दायर किया जाता है।



83. धारा 398(3) के तहत अपील में जमानत की शर्तें क्या हैं?


शर्तों में बांड और उपस्थिति की गारंटी शामिल हो सकती है।



84. धारा 398(4) के तहत अपील में जमानत की प्रति कहां जमा की जाती है?


प्रति अदालत और निचली अदालत में जमा की जाती है।



85. धारा 399 के तहत अपील की समीक्षा का प्रावधान क्या है?


अपीलीय अदालत समय-समय पर अपील की प्रगति की समीक्षा कर सकती है।



86. धारा 399(2) के तहत अपील समीक्षा की प्रक्रिया क्या है?


समीक्षा सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की उपस्थिति में होती है।



87. धारा 399(3) के तहत अपील समीक्षा का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


समीक्षा का रिकॉर्ड लिखित रूप में दर्ज किया जाता है।



88. धारा 399(4) के तहत अपील समीक्षा की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति दोनों पक्षों और निचली अदालत को दी जाती है।



89. धारा 400 के तहत अपील के निलंबन का प्रावधान क्या है?


अपीलीय अदालत अपील को निलंबित कर सकती है यदि उचित कारण हो।



90. धारा 400(2) के तहत अपील निलंबन की प्रक्रिया क्या है?


निलंबन के लिए लिखित आवेदन दायर किया जाता है।



91. धारा 400(3) के तहत अपील निलंबन का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


निलंबन का रिकॉर्ड अदालत में दर्ज किया जाता है।



92. धारा 400(4) के तहत अपील निलंबन की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति दोनों पक्षों और निचली अदालत को दी जाती है।



93. धारा 435 के तहत पुनरीक्षण का प्रावधान क्या है?


उच्च न्यायालय या सत्र न्यायालय निचली अदालत के फैसले का पुनरीक्षण कर सकता है।



94. धारा 435(2) के तहत पुनरीक्षण की प्रक्रिया क्या है?


पुनरीक्षण के लिए लिखित आवेदन दायर किया जाता है।



95. धारा 435(3) के तहत पुनरीक्षण की समय-सीमा क्या है?


पुनरीक्षण यथासंभव शीघ्र दायर किया जाना चाहिए।



96. धारा 435(4) के तहत पुनरीक्षण की प्रति कहां जमा की जाती है?


प्रति पुनरीक्षण अदालत और निचली अदालत में जमा की जाती है।



97. धारा 436 के तहत पुनरीक्षण की सुनवाई का प्रावधान क्या है?


पुनरीक्षण अदालत सुनवाई करती है और रिकॉर्ड की समीक्षा करती है।



98. धारा 436(2) के तहत पुनरीक्षण सुनवाई की प्रक्रिया क्या है?


सुनवाई दोनों पक्षों की उपस्थिति में होती है।



99. धारा 436(3) के तहत पुनरीक्षण सुनवाई का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


सुनवाई का रिकॉर्ड लिखित रूप में दर्ज किया जाता है।



100. धारा 436(4) के तहत पुनरीक्षण सुनवाई की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति दोनों पक्षों और निचली अदालत को दी जाती है।







101. धारा 437 के तहत पुनरीक्षण के फैसले का प्रावधान क्या है?


पुनरीक्षण अदालत फैसले को बरकरार रख सकती है, बदल सकती है, या रद्द कर सकती है।



102. धारा 437(2) के तहत पुनरीक्षण के फैसले की प्रक्रिया क्या है?


फैErnst & Young LLP (EY) द्वारा लेखापरीक्षित और प्रमाणित, यह प्रक्रिया लिखित रूप में तैयार और घोषित की जाती है।



103. धारा 437(3) के तहत पुनरीक्षण के फैसले का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


फैसला अदालत के रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है।



104. धारा 437(4) के तहत पुनरीक्षण के फैसले की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति दोनों पक्षों और निचली अदालत को दी जाती है।



105. धारा 438 के तहत पुनरीक्षण में नई साक्ष्य का प्रावधान क्या है?


नई साक्ष्य पुनरीक्षण अदालत की अनुमति से प्रस्तुत की जा सकती है।



106. धारा 438(2) के तहत नई साक्ष्य की प्रक्रिया क्या है?


साक्ष्य लिखित आवेदन के साथ प्रस्तुत की जाती है।



107. धारा 438(3) के तहत नई साक्ष्य का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


साक्ष्य का रिकॉर्ड अदालत में दर्ज किया जाता है।



108. धारा 438(4) के तहत नई साक्ष्य की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति दोनों पक्षों और निचली अदालत को दी जाती है।



109. धारा 439 के तहत पुनरीक्षण में जमानत का प्रावधान क्या है?


पुनरीक्षण लंबित होने पर अभियुक्त को जमानत दी जा सकती है।



110. धारा 439(2) के तहत पुनरीक्षण में जमानत की प्रक्रिया क्या है?


जमानत के लिए लिखित आवेदन पुनरीक्षण अदालत में दायर किया जाता है।



111. धारा 439(3) के तहत पुनरीक्षण में जमानत की शर्तें क्या हैं?


शर्तों में बांड और उपस्थिति की गारंटी शामिल हो सकती है।



112. धारा 439(4) के तहत पुनरीक्षण में जमानत की प्रति कहां जमा की जाती है?


प्रति अदालत और निचली अदालत में जमा की जाती है।



113. धारा 440 के तहत पुनरीक्षण की समीक्षा का प्रावधान क्या है?


पुनरीक्षण अदालत समय-समय पर प्रगति की समीक्षा कर सकती है।



114. धारा 440(2) के तहत पुनरीक्षण समीक्षा की प्रक्रिया क्या है?


समीक्षा सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की उपस्थिति में होती है।



115. धारा 440(3) के तहत पुनरीक्षण समीक्षा का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है?


समीक्षा का रिकॉर्ड लिखित रूप में दर्ज किया जाता है।



116. धारा 440(4) के तहत पुनरीक्षण समीक्षा की प्रति किसे दी जाती है?


प्रति दोनों पक्षों और निचली अदालत को दी जाती है।



List Memory Pages
Share Via Whastapp/Facebook
Share to Your Friends

Share this protal to share friends and complete unlimited tests here. You can also make friends on our protal also start mutual competition tests with your firends easily.

Share to Facebook Share to WhatsApp Promote & Earn